चंडीगढ़, 9 जनवरी : पंजाब में ग्राम पंचायतों ने अपने पंचायत कोष से पूर्व सरपंचों को मान-भत्ता देने से दूरी बना ली है। राज्य की 8,008 ग्राम पंचायतों के पास आय के स्रोत होने के बावजूद उन्होंने पूर्व सरपंचों का बकाया मान-भत्ता जारी नहीं किया है।
सरकार के पत्रों का भी नहीं हुआ असर
पंजाब सरकार पिछले तीन महीनों से आर्थिक रूप से सक्षम पंचायतों को मान-भत्ते के भुगतान को लेकर पत्र भेज रही है, लेकिन अब तक केवल 4,015 आय-स्रोत वाली पंचायतों ने ही बकाया मान-भत्ता अदा किया है। राज्य में कुल 13,236 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से 5,228 पंचायतों के पास आय का कोई स्रोत नहीं है। इन पंचायतों के वर्तमान और पूर्व सरपंचों को मान-भत्ता देने के लिए सरकार को अलग से बजट उपलब्ध कराना पड़ेगा।
50 प्रतिशत सक्षम पंचायतों ने भुगतान से किया इनकार
वित्तीय रूप से मजबूत 8,008 पंचायतों में से लगभग 50 प्रतिशत पंचायतों ने मान-भत्ते का भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे सरकार की चिंता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरपंचों का मान-भत्ता बढ़ाकर 2,000 रुपये करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसके लिए कोई फंड जारी नहीं किया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने पंचायतों से 9 जनवरी तक मान-भत्ते के भुगतान से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है। आय-स्रोत वाली पंचायतों को चेतावनी दी गई है कि यदि इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में कोई रिट याचिका दायर होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत की होगी।
76 करोड़ रुपये की मांग
जिन 5,228 पंचायतों के पास कोई वित्तीय संसाधन नहीं है, उनके लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने वित्त विभाग से मान-भत्ते के बकाया भुगतान हेतु 76 करोड़ रुपये की मांग की है।
यह भी देखें : मुख्यमंत्री मान की जत्थेदार से स्पष्टीकरण के समय लाइव टेलीकास्ट की अपील

More Stories
ओपन डिजिटल यूनिवर्सिटी नीति को मंजूरी, लहरागागा में मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी
हानिकारक रसायन मिलने पर यहां लगा खांसी की दवा पर प्रतिबंध
पंजाब आएंगे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी