चंडीगढ़, 16 जनवरी : रिश्वतखोरी के एक मामले में निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने सीबीआई अदालत में याचिका दायर कर अपने पिता और बेटी से जुड़े 10 बैंक खातों को फ्रीज मुक्त करने की मांग की है। इस पर कार्रवाई करते हुए अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी कर 6 फरवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। हरचरण भुल्लर ने अदालत में आरोप लगाया कि सीबीआई ने एक ‘ट्रैप केस’ की जांच के दौरान अदालत से आवश्यक पूर्व अनुमति लिए बिना ही इन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह गैर-कानूनी और मनमानी बताया।
चार्जशीट में खातों का जिक्र नहीं: बचाव पक्ष
मुल्जिम के वकील एसपीएस भुल्लर ने दलील दी कि सीबीआई ने 3 दिसंबर 2025 को हरचरण भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णू शारदा के खिलाफ चालान पेश किया था, लेकिन ये बैंक खाते उस चार्जशीट का हिस्सा नहीं हैं। न ही ट्रैप केस की किसी प्रक्रिया में इन खातों की कोई जरूरत बताई गई है। वकील ने अदालत को बताया कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई स्पष्ट कानूनी आधार मौजूद नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि इन खातों को किस कानूनी धारा के तहत फ्रीज किया गया।
पिता और बेटी का मामले से कोई संबंध नहीं
बचाव पक्ष ने जोर देकर कहा कि जिन खातों को फ्रीज किया गया है, वे भुल्लर के पिता और बेटी के नाम पर हैं, जिनका कथित अपराध से कोई लेना-देना नहीं है। वकील ने बताया कि भुल्लर के पिता भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारी रह चुके हैं और पंजाब के पूर्व डीजीपी भी रहे हैं। लगभग 80 वर्ष की आयु में वे सार्वजनिक सेवा से सेवानिवृत्त हैं और पेंशन तथा खेती से होने वाली अपनी स्वतंत्र आय के जरिए इन खातों का संचालन कर रहे हैं। अब इस मामले में सीबीआई का जवाब आने के बाद ही अदालत अगली सुनवाई में कोई फैसला करेगी।
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