न्यूयॉर्क, 3 मार्च : अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों तथा तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। कारोबारियों के अनुसार ईरान और मध्य-पूर्व क्षेत्र से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
9 प्रतिशत उछला कच्चा तेल
सोमवार सुबह कच्चे तेल की कीमत करीब 9 प्रतिशत बढ़कर 79.41 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो पिछले सात महीनों का उच्चतम स्तर है। Strait of Hormuz में दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ा है। यह समुद्री मार्ग विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक अहमियत
Strait of Hormuz की चौड़ाई कुछ स्थानों पर 40 किलोमीटर से भी कम है, लेकिन इसी रास्ते से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत यानी करीब डेढ़ करोड़ बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन निर्यात किया जाता है। इस मार्ग से सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान तेल और गैस की आपूर्ति करते हैं।
कतर ने एलएनजी उत्पादन रोका
युद्ध की स्थिति को देखते हुए कतर ने एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) उत्पादन अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि ईरान रोजाना लगभग 16 लाख बैरल तेल निर्यात करता है, जिसमें से अधिकांश आपूर्ति चीन को जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपूर्ति बाधित होती है तो चीन को झटका लग सकता है, हालांकि उसके पास फिलहाल पर्याप्त भंडार मौजूद हैं और वह रूस से आयात बढ़ा सकता है। तेल बाजार में जारी अस्थिरता के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके व्यापक प्रभाव की आशंका जताई जा रही है।
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