चंडीगढ़, 21 जनवरी : ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान की सफलता के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अब राज्य को गैंगस्टर-मुक्त बनाने के लिए ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत गैंगस्टरों और उनके पूरे नेटवर्क के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने बताया कि गैंगस्टरों के खिलाफ 72 घंटे तक चलने वाला विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू किया गया है। इस दौरान 12,000 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 2000 से ज्यादा टीमें 60 विदेश-आधारित गैंगस्टरों के साथियों से जुड़े चिन्हित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
गैंगस्टरवाद के पूरे इकोसिस्टम को तोड़ने का लक्ष्य
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान सिर्फ गैंगस्टरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे इकोसिस्टम—वित्तीय नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, छिपने के ठिकाने, हथियारों की सप्लाई चेन और संचार तंत्र को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि गैंगस्टरवाद और उसे समर्थन देने वालों के खिलाफ सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति है।
विदेशों में बैठे गैंगस्टरों को चेतावनी
डीजीपी ने विदेशों में बैठे गैंगस्टरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे खुद को सुरक्षित न समझें। जल्द ही उन्हें कानून का सामना करने के लिए पंजाब लाया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि विदेशों में बैठे 60 गैंगस्टरों की पहचान की गई है, जो अपने साथियों के जरिए पंजाब में अपराध करवा रहे हैं। उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेज करने के लिए डीआईजी काउंटर इंटेलिजेंस आशीष चौधरी की अगुवाई में ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (OFTES) का गठन किया गया है। इनमें से 23 गैंगस्टरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या प्रक्रिया में हैं, जबकि शेष 37 के लिए तीन महीने के भीतर यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
भटके युवाओं को सख्त संदेश
डीजीपी गौरव यादव ने भटके हुए युवाओं से अपील की कि वे अपराध का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएं। उन्होंने कहा कि थोड़े पैसों के लालच में विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के बहकावे में न आएं, क्योंकि ऐसे लोग उनके हितैषी नहीं हो सकते। अपराध नहीं छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर डीजीपी ने एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी शुरू किया। इसके जरिए लोग गैंगस्टरों और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी गोपनीय रूप से दे सकते हैं। दी गई सूचना के आधार पर गिरफ्तारी होने पर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।
10 करोड़ रुपये की इनाम नीति को मंजूरी
डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार ने इनाम नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस नीति के तहत :
- एसएसपी: 1 लाख रुपये तक
- सीपी/डीआईजी रेंज: 1.5 लाख रुपये तक
- विंग हेड: 2 लाख रुपये तक
- डीजीपी पंजाब: 2 लाख रुपये से अधिक का इनाम मंजूर कर सकेंगे
यह इनाम उन व्यक्तियों या पुलिस कर्मियों को दिया जाएगा, जिनकी सूचना या कार्रवाई से गैंगस्टरों की गिरफ्तारी या एनडीपीएस व अन्य गंभीर मामलों में बड़ी सफलता मिलेगी।
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