February 5, 2026

चंडीगढ़ मेयर चुनाव: AAP–कांग्रेस गठबंधन टूटा, त्रिकोणीय मुकाबला तय

चंडीगढ़ मेयर चुनाव: AAP–कांग्रेस गठबंधन...

चंडीगढ़, 23 जनवरी : चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। इस बार AAP और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हो सका, जिसके चलते चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले में तब्दील हो गया है।

AAP और कांग्रेस में नहीं बनी सहमति

मेयर चुनाव से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि AAP और कांग्रेस मिलकर BJP को चुनौती दे सकती हैं, लेकिन दोनों दलों के बीच बात नहीं बन पाई। नतीजतन दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका तब लगा, जब उसके पार्षद रामचंद्र यादव ने डिप्टी मेयर पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया।

खास बात यह रही कि उनके नामांकन पत्र पर कांग्रेस के पार्षदों के हस्ताक्षर हैं। रामचंद्र यादव ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर हर पार्षद को शक की नजर से देखा जा रहा है।

दल-बदल का डर, पार्षदों को होटल में रखा गया

AAP को अपने पार्षदों की खरीद-फरोख्त और दल-बदल का डर सताने लगा था। इसी वजह से पार्टी ने अपने पार्षदों को रोपड़ के एक होटल में ठहराया और उनके मोबाइल फोन भी बंद करवा दिए गए। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें घर जाने की अनुमति दी गई। चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने साफ कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन नहीं चाहती थी, क्योंकि आम आदमी पार्टी के पास पर्याप्त पार्षद नहीं हैं।

BJP ने कहा– गठबंधन टूटना सिर्फ ड्रामा

उन्होंने दावा किया कि AAP के दो पार्षद पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं और यहां तक कि होटल में भी AAP के सभी पार्षद मौजूद नहीं थे। दूसरी ओर, BJP ने AAP और कांग्रेस के अलग होने पर तंज कसते हुए इसे “नया ड्रामा” करार दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि भले ही ये पार्टियां कागजों में अलग दिखने की कोशिश कर रही हों, लेकिन जनता उनकी हकीकत भली-भांति जानती है

किसके सिर सजेगा मेयर का ताज?

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या BJP अपना कब्जा बरकरार रख पाती है या फिर AAP और कांग्रेस के बीच आई इस टूट से कोई नया राजनीतिक समीकरण सामने आता है। मेयर चुनाव का नतीजा चंडीगढ़ की सियासत की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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