नई दिल्ली, 1 फरवरी : भारत ने बलूचिस्तान में अशांति फैलाने के पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए इसे इस्लामाबाद की अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान भटकाने की पुरानी रणनीति करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को सलाह दी है कि वह बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय अपने क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान दे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तानी सेना के बिना सबूत वाले आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान का दमन, क्रूरता और मानवाधिकार उल्लंघन का रिकॉर्ड पूरी दुनिया में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि जब भी पाकिस्तान में कोई हिंसक घटना होती है, तो वह भारत पर दोष मढ़कर अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश करता है।
भारत की तीखी प्रतिक्रिया
यह बयान बलूचिस्तान प्रांत में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के बाद सामने आया है। पाकिस्तान की सेना के अनुसार, जातीय बलूच समूहों द्वारा क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की और पंजगुर सहित कई इलाकों में किए गए हमलों के बाद चलाए गए अभियानों में कम से कम 15 सैनिक और 92 आतंकवादी मारे गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, इन योजनाबद्ध हमलों में कई पुलिसकर्मी और आम नागरिकों की भी जान गई है। भारत ने साफ किया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों और वहां के हालात के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह निराधार है।

More Stories
ऑनलाइन गेम खेलने से रोके जाने पर तीन नाबालिग बहनों ने की आत्महत्या
भारत रूसी तेल की खरीद घटाएगा, आवश्यक आपूर्ति ही होगी आयात: सूत्र
किसान हितों से कोई समझौता नहीं, ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा : पीयूष गोयल