नई दिल्ली, 3 फरवरी : कांग्रेस ने अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना की है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वॉशिंगटन में मोगैम्बो खुश है, यह संकेत करते हुए कि मोदी ने अंततः हार मान ली है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत को अपनी सरकार की नीतियों और निर्णयों की जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प या उनके प्रतिनिधियों से मिलती है, जो अब एक नियमित प्रक्रिया बनती जा रही है।
कांग्रेस के पोस्ट में यह भी कहा गया कि सीजफायर ऑपरेशन सिंदूर की तरह, यह व्यापार समझौता भी ट्रम्प की ओर से घोषित किया गया है, और यह ‘मोदी की रिक्वेस्ट’ पर किया जा रहा है। कांग्रेस ने यह भी जानकारी दी कि मोदी सरकार ने रूस से तेल खरीदने का निर्णय नहीं लिया है और इसके बजाय अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदने की योजना बनाई है।
मोदी सरकार रूस का साथ छोड़ने के लिए सहमत
यह सवाल उठता है कि क्या इस व्यापार समझौते के तहत मोदी सरकार रूस का साथ छोड़ने के लिए सहमत हुई है। इसके अलावा, अमेरिका से अधिक सामान खरीदने की बात भी की गई है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ योजना पर सवाल उठता है। यदि मोदी सरकार वास्तव में अमेरिका से अधिक आयात करने के लिए तैयार है, तो यह भारतीय उद्योग और आत्मनिर्भरता के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।
भारत हमसे 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर मूल्य का सामान खरीदेगा। ट्रंप ने यह बयान भारत-अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते के संदर्भ में दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के आर्थिक संबंध पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो रहे हैं और यह समझौता अमेरिकी उद्योगों व किसानों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा।
ट्रंप के अनुसार, इस डील से अमेरिका को निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी, जबकि भारत को भी अपने विकास लक्ष्यों को हासिल करने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने इसे दोनों देशों के लिए ‘विन-विन’ समझौता बताया।
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