नई दिल्ली, 3 फरवरी : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मेटा प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सऐप को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि तकनीकी दिग्गज कंपनियां डेटा साझा करने के नाम पर नागरिकों के निजता के अधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकतीं। मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में 9 फरवरी को अंतरिम आदेश जारी किया जाएगा।
केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाने के निर्देश
अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी इस मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है, ताकि डेटा सुरक्षा और निजता से जुड़े व्यापक पहलुओं पर विचार किया जा सके। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्राइवेसी की शर्तें इतनी चालाकी से तैयार की जाती हैं कि एक आम व्यक्ति उन्हें समझ ही नहीं पाता। यह निजी जानकारी हासिल करने का एक “सभ्य तरीका” बन चुका है, जो बेहद चिंताजनक है।
हलफनामे की चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने मेटा और व्हाट्सऐप को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने डेटा साझा न करने को लेकर हलफनामा दाखिल नहीं किया, तो अदालत को सख्त आदेश पारित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अदालत ने साफ संकेत दिए कि नागरिकों की निजता सर्वोपरि है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
यह भी देखें : एयर इंडिया ने बोइंग 787 विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विचों की जांच शुरू की

More Stories
औजला और वड़िंग समेत आठ सांसद लोकसभा से निलंबित
महिलाओं को लेकर तालिबान का नया फरमान, गर्भनिरोधक दवाओं पर रोक
IndiGo का बड़ा फैसला: ईरान तनाव के बीच 28 फरवरी तक उड़ानें रद्द