February 4, 2026

बिक्रम सिंह मजीठिया जेल से रिहा, समर्थकों ने समर्थन में की जमकर नारेबाजी

बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट ...

नाभा/मोहाली, 3 फरवरी : शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। आय से अधिक संपत्ति मामले में जमानत मिलने के बाद मजीठिया को आज दोपहर 2.24 बजे नाभा जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से रिहा होने के बाद बिक्रम मजीठिया पहले गेट से मुख्य गेट तक पैदल चलते हुए आए। जैसे ही वह जेल से बाहर निकले, अकाली नेताओं और समर्थकों ने उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की। बड़ी संख्या में समर्थक जेल गेट के बाहर मौजूद थे। इस दौरान मजीठिया मूंछों को ताव देते हुए नजर आए।

पत्नी और करीबी नेता लेने पहुंचे जेल

मजीठिया की रिहाई के लिए उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया और अकाली नेता अरशदीप कलेर जेल के अंदर पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज मोहाली की अदालत में जमानती शर्तों पर सुनवाई हुई। अदालत ने 2 लाख रुपये के मुचलके की शर्त पर बिक्रम मजीठिया को जमानत दे दी। इसके बाद जमानत से जुड़े दस्तावेज नाभा जेल को ऑनलाइन भेजे गए, जिसके बाद रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई।

सुबह 10 बजे शुरू हुई सुनवाई

मोहाली अदालत में जमानती मुचलकों की शर्तों पर फैसला करने को लेकर सुनवाई सुबह 10 बजे शुरू हुई। इस दौरान पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की ओर से विशेष सरकारी वकील फैरी सोफत पेश हुए, जबकि मजीठिया की ओर से वरिष्ठ वकील एच.एस. धनौआ और उनकी कानूनी टीम ने पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने 2 फरवरी को पंजाब सरकार के वकील से सवाल किया था कि “आप बिक्रम मजीठिया को जेल में क्यों रखना चाहते हैं?” अदालत ने यह भी नोट किया कि मजीठिया पिछले सात महीनों से जेल में बंद हैं।

540 करोड़ की कथित संपत्ति का मामला

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला कथित तौर पर करीब 540 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा हुआ है। यह जांच 2007 से 2017 की अवधि से संबंधित है, जबकि एफआईआर वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि मजीठिया को वर्ष 2022 में NDPS मामले में जमानत मिल चुकी थी, जिसे रद्द कराने की पंजाब सरकार की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में खारिज कर दिया था।

गिरफ्तारी से जेल तक का सफर

गौरतलब है कि 25 जून को पंजाब विजिलेंस ने मजीठिया को अमृतसर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर मोहाली लाया था। 12 दिन के पुलिस रिमांड के बाद 6 जुलाई को उन्हें नाभा की न्यू जेल भेज दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर अब उन्हें राहत मिली है।

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