नई दिल्ली, 12 फरवरी : आईसीसी टी-20 विश्व कप 2026 के बीच बांग्लादेश क्रिकेट को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पहले खिलाड़ियों और बोर्ड पर टूर्नामेंट के बहिष्कार का आरोप लगाया गया, लेकिन अब बांग्लादेश सरकार ने अपने बयान पर यू-टर्न लेते हुए सफाई पेश की है। बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने शुरुआत में कहा था कि आगामी टी-20 विश्व कप में हिस्सा न लेने का फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और खिलाड़ियों का था। इस बयान से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि इससे पहले सरकार ने कहा था कि यह निर्णय सुरक्षा कारणों से राज्य स्तर पर लिया गया था।
‘क्रिकबज’ की रिपोर्ट के मुताबिक नजरुल ने कहा, “विश्व कप में हिस्सा न लेने पर अफसोस का कोई सवाल ही नहीं उठता। यह फैसला बीसीबी और खिलाड़ियों ने देश की क्रिकेट सुरक्षा, जनता की सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए लिया है।” हालांकि 22 जनवरी को उन्होंने कहा था कि आईसीसी से न्याय नहीं मिला और विश्व कप खेलना है या नहीं, यह पूरी तरह सरकार का फैसला है।
सुरक्षा कारणों का हवाला
नजरुल के अनुसार, जनवरी की शुरुआत में ही सरकार ने सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए टीम को भारत न भेजने का फैसला कर लिया था। उन्होंने बताया कि बोर्ड और खिलाड़ियों ने इस निर्णय को बिना किसी विरोध के स्वीकार किया, जबकि इससे वित्तीय नुकसान और संभावित प्रतिबंधों का खतरा भी था। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वाभिमान के हित में इस कदम का समर्थन करने के लिए खिलाड़ियों की सराहना भी की।
कार्यक्रम के दौरान दिया गया बयान
यह बयान बीसीबी के एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जहां ढाका विश्वविद्यालय को खेल मैदान के विकास के लिए 20 मिलियन बांग्लादेशी टका का चेक सौंपा गया।
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