लंबी, 26 फरवरी : पंजाब सरकार जहां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। 30 से 35 गांवों की छात्राओं को शिक्षा प्रदान करने वाला स्कूल ऑफ एमिनेंस फॉर गर्ल्स अबूल खुराना इन दिनों शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि 800 से अधिक छात्राओं का भविष्य दांव पर नजर आ रहा है।
19 पद खाली, प्रिंसिपल का भी अभाव
स्कूल के पंजाबी लेक्चरार खुशविंदर सिंह ने बताया कि संस्थान में 19 शिक्षकों की तत्काल आवश्यकता है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्कूल में प्रिंसिपल का पद भी खाली है। खाली पदों में पंजाबी और अंग्रेजी के दो-दो लेक्चरार, केमिस्ट्री के दो लेक्चरार, मास्टर कैडर में दो साइंस, दो मैथ, एसएसटी, डीपीई, पीटीए, आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षक समेत नॉन-टीचिंग स्टाफ के पद भी शामिल हैं।
800 से ज्यादा छात्राएं, सभी प्रमुख स्ट्रीम उपलब्ध
स्कूल में छठी से बारहवीं कक्षा तक 800 से अधिक छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। मेडिकल, नॉन-मेडिकल, कॉमर्स सहित लगभग सभी मुख्य स्ट्रीम की पढ़ाई यहां करवाई जाती है।
क्षेत्र में इस स्कूल की अलग पहचान है और यहां पढ़ने वाली कई छात्राएं 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर चुकी हैं।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में पोर्टल के माध्यम से मेरिट के आधार पर बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादले हुए हैं। इसी कारण अचानक कई शिक्षक यहां से स्थानांतरित हो गए। इम्तिहान नजदीक होने के चलते शिक्षकों की कमी बड़ी समस्या बन गई है। हालांकि मौजूदा शिक्षक समय का संतुलन बनाकर छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने का प्रयास कर रहे हैं।
सरकार ने दिया आश्वासन
हलके की विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वे स्कूल का दौरा कर शिक्षकों से मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मेरिट के आधार पर हुए तबादलों के कारण अस्थायी समस्या उत्पन्न हुई है, लेकिन जल्द ही शिक्षकों की संख्या पूरी कर दी जाएगी और छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
यह भी देखें : डेरा की संपत्ति सार्वजनिक करने के फैसले पर हाईकोर्ट बोला निजी जागीर नहीं

More Stories
घने कोहरे का कहर: बस और कार की टक्कर में चालक की मौत
पंजाब में चिट्टा और गैंगस्टरवाद अकाली दल की देन: बलतेज पन्नू
मुख्यमंत्री मान ने फिरोजपुर फीडर नहर के पहले चरण का उद्घाटन किया