March 5, 2026

6 मार्च को बठिंडा में बीकेयू (एकता उगराहां) की रोष रैली का रास्ता साफ

6 मार्च को बठिंडा में बीकेयू...

बठिंडा, 5 मार्च : भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की 6 मार्च को बठिंडा में होने वाली रोष रैली को लेकर बनी अनिश्चितता बुधवार को खत्म हो गई। पुलिस, जिला प्रशासन और यूनियन नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद रैली की अनुमति दे दी गई है।

प्रशासन और यूनियन के बीच बैठक

बैठक में पुलिस और प्रशासन की ओर से डीआईजी हरजीत सिंह, एसएसपी ज्योति यादव और डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान मौजूद रहे। यूनियन की ओर से अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां और उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके शामिल हुए। बैठक के बाद यूनियन नेताओं ने बताया कि प्रशासन ने पावर हाउस रोड स्थित पुड्डा ग्राउंड में रोष रैली करने की अनुमति दे दी है।

50 से अधिक संगठनों का समर्थन

इस किसान संगठन को लगभग 50 संगठनों का समर्थन प्राप्त है। पहले यूनियन ने बठिंडा जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स (DAC) के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। यह रोष प्रदर्शन 6 और 18 फरवरी को बठिंडा जिले में किसानों पर हुए कथित पुलिस अत्याचार के विरोध में बुलाया गया है। किसान इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, घायल किसानों के लिए मुआवजा और आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

पहले भी हो चुकी हैं झड़पें

इससे पहले 6 और 18 फरवरी को जब किसानों ने डीएसी की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, तब पुलिस और किसानों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं। पहली घटना में 2000 से अधिक अज्ञात किसानों के खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज की गई थीं, जबकि दूसरी घटना में करीब 400 अज्ञात किसानों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। इन झड़पों में दो किसान गंभीर रूप से घायल भी हुए थे।

दो किसानों की रिहाई को लेकर आंदोलन

किसान अपने दो साथियों शगनदीप सिंह जिऊंद और बलदेव सिंह चाउके की रिहाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। दोनों को पिछले वर्ष कथित रूप से पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और वे अप्रैल से जेल में बंद थे। हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 18 फरवरी को दोनों को जमानत दे दी थी, जिसके बाद वे 20 फरवरी को जेल से रिहा हो गए।

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