चंडीगढ़, 7 मार्च : भगवंत सिंह मान की अगुवाई में हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने यह नीति राज्य के उद्योगपतियों और विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों के सुझावों को ध्यान में रखकर तैयार की है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पंजाब को औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ाना है और इसी कारण अलग-अलग सेक्टर के व्यापारियों की राय को भी नीति में शामिल किया गया है।
निवेशकों को मिलेगा अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज
नई नीति के तहत पहली बार निवेशकों को 20 अलग-अलग विकल्पों में से चुनकर अपना अनुकूलित इंसेंटिव पैकेज बनाने की सुविधा दी जाएगी। इससे निवेशकों को अपनी जरूरत के अनुसार प्रोत्साहन चुनने का अवसर मिलेगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
नीति के तहत पंजाब में पहली बार ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ सिस्टम स्थापित करने के लिए 20 करोड़ रुपये तक की फिक्स्ड कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा पराली आधारित बॉयलर अपनाने के लिए 7.50 करोड़ रुपये तक की सहायता भी प्रदान की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण और कृषि अवशेषों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
अन्य प्रमुख प्रोत्साहन
नई औद्योगिक नीति में कई अन्य सुविधाएं भी शामिल की गई हैं, जैसे माल भाड़ा सब्सिडी, मार्केटिंग सहायता, अनुसंधान एवं विकास (R&D) सुविधाओं के लिए सहयोग, National Stock Exchange of India के NSE इमर्ज प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहायता, गुणवत्ता प्रमाणन और पेटेंट पंजीकरण में मदद, वेंडर विकास कार्यक्रम, नहर के पानी के उपयोग शुल्क में छूट।
मौजूदा रियायतें भी रहेंगी जारी
निवेशकों को पहले से मिल रही SGST, स्टांप ड्यूटी और बिजली ड्यूटी में छूट के साथ-साथ रोजगार सृजन सब्सिडी भी जारी रहेगी। इसके अलावा निवेशकों की पात्रता अवधि को 7–10 साल से बढ़ाकर 10–15 साल कर दिया गया है। नई नीति में नौ प्राथमिक औद्योगिक क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जिनमें शामिल हैं फूड प्रोसेसिंग, खेल सामान, टेक्सटाइल और सहायक उद्योग, एग्रो वेस्ट प्रोसेसिंग, ऑटो और ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमी-कंडक्टर, आईटी (IT), इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा और एयरोस्पेस, इन क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।

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