चंडीगढ़, 16 मार्च: प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के दौरान आयोजित आईटी और आईटीईएस सत्र में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की भागीदारी देखने को मिली। “पंजाब ऑफर: प्रमोटिंग जीसीसीज़ विद स्पीड, क्लैरिटी एंड आफ्टर केयर” विषय पर आधारित इस सत्र ने तकनीकी निवेश और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में पंजाब की मजबूत होती स्थिति को उजागर किया।
सत्र को संबोधित करते हुए पंजाब डेवलपमेंट कमीशन की वाइस चेयरपर्सन सीमा बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार एसएएस नगर (मोहाली) को टियर-1 आईटी सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन, अकादमिक संस्थानों और आधुनिक बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई विनिर्माण उद्योग अपनी उत्पादन प्रक्रियाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक को सफलतापूर्वक शामिल कर रहे हैं।
आईटी उद्योग के लिए आकर्षक प्रोत्साहन
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरेंद्र कुमार तिवाड़ी ने औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति 2026 के तहत आईटी उद्योग के लिए उपलब्ध विभिन्न प्रोत्साहनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईटी और आईटीईएस इकाइयों को 10 से 15 वर्षों के लिए 75 प्रतिशत शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति और पाँच वर्षों तक प्रति कर्मचारी प्रति माह 5000 रुपये रोजगार सृजन सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि निवेशक स्थिर पूंजी निवेश के 20 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं, जिसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके अलावा 10 से 15 वर्षों के लिए बिजली शुल्क पर 100 प्रतिशत छूट का भी प्रावधान है।
समयबद्ध स्वीकृतियों और नीतिगत सुविधाओं पर जोर
उन्होंने बताया कि वित्तीय लाभों के साथ-साथ गैर-वित्तीय सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें 5 से 45 कार्य दिवसों के भीतर समयबद्ध स्वीकृतियाँ, आईटी पार्कों को पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (पापरा) 1995 से छूट, लचीले सेटबैक नियम और 45 मीटर राइट-ऑफ-वे वाली सड़कों पर असीमित फ्लोर एरिया रेशियो की अनुमति शामिल है।

More Stories
लकड़ी आधारित कृषि वानिकी को पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ बताया गया
पंजाब में निवेश करें, सरकार देगी पूरा सहयोग और रियायतें: भगवंत सिंह मान
प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन को सकारात्मक समर्थन मिला