वॉशिंगटन, 17 मार्च : Donald Trump ने Strait of Hormuz में तेल टैंकरों की सुरक्षा के मुद्दे पर सहयोगी देशों की ओर से अपेक्षित समर्थन न मिलने पर खुलकर नाराज़गी जताई है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका दशकों से कई देशों की सुरक्षा करता आया है, लेकिन अब जब मदद की जरूरत पड़ी तो सहयोगी देश पीछे हट रहे हैं।
सहयोगी देशों पर कड़ा रुख
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि NATO के सदस्य देशों का इस संकट में साथ न देना संगठन के भविष्य के लिए ठीक नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सहयोग नहीं मिला तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि China, Japan, South Korea और यूरोपीय देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस समुद्री मार्ग पर काफी निर्भर हैं, जबकि अमेरिका के पास अपने संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि चीन अपना लगभग 90% तेल इसी मार्ग से मंगवाता है, इसलिए उसे भी सुरक्षा मिशन में भाग लेना चाहिए।
चीन को दी चेतावनी
ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर Xi Jinping के नेतृत्व वाला चीन सहयोग नहीं करता, तो वे उनके साथ प्रस्तावित बैठक को टाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हजारों सैनिक अन्य देशों की रक्षा के लिए तैनात किए हैं, लेकिन अब साझा जिम्मेदारी निभाने में सहयोगी देशों का रवैया निराशाजनक है।
भारत की पहल, अन्य देशों का इनकार
जहां India ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए पहले ही युद्धपोत तैनात कर दिए हैं, वहीं जापान और Australia जैसे देशों ने फिलहाल अमेरिकी गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर दिया है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां बढ़ते तनाव और सहयोग की कमी से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
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