March 26, 2026

ईरान ने अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराया, मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ा

ईरान ने अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराया...

नई दिल्ली, 26 मार्च : मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका द्वारा पेश किए गए युद्धविराम प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इसके उलट ईरान ने अपना जवाबी प्रस्ताव रखते हुए इज़राइल और खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं।

अमेरिकी प्रस्ताव पर ईरान का सख्त रुख

सूत्रों के मुताबिक अमेरिका ने 15 बिंदुओं वाली योजना पेश की थी, जिसमें ईरान पर लगी पाबंदियों में राहत, परमाणु कार्यक्रम पर रोक और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को खोलने जैसी शर्तें शामिल थीं। हालांकि ईरान ने अपनी शर्तें रखते हुए अधिकारियों की हत्याएं रोकने, युद्ध का मुआवजा देने और होर्मुज़ जलमार्ग पर अपनी संप्रभुता मानने की मांग की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा कि फिलहाल दुश्मन के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।

ट्रंप का दावा—समझौते को तैयार ईरान

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अंदरूनी दबाव के बावजूद ईरान के नेता समझौते के लिए उत्सुक हैं। इस संघर्ष में अब तक भारी नुकसान हुआ है: ईरान में लगभग 1500 मौतें, लेबनान में 1100 से अधिक लोग मारे गए, इज़राइल में 16 लोगों की मौत, 13 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए।

लाखों लोग ईरान और लेबनान में अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। तेल अवीव समेत मध्य इज़राइल में सायरन बजने की खबर है, जिसके पीछे हिज़्बुल्ला के रॉकेट हमलों की आशंका जताई जा रही है।

अमेरिका की कड़ी चेतावनी

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने हालात नहीं समझे, तो उस पर पहले से भी बड़ा हमला किया जाएगा।
वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयान भी चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने दुश्मनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस युद्ध को “बेकाबू” बताया है। उन्होंने शांति वार्ता के लिए जीन अर्नॉल्ट को विशेष दूत नियुक्त किया है।

मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन युद्धविराम की संभावनाएं फिलहाल कमजोर नजर आ रही हैं, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को गंभीर खतरा बना हुआ है।

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