March 26, 2026

गुरुग्राम रेप केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त: हरियाणा पुलिस और CWC को लगाई फटकार

गुरुग्राम रेप केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त...

नई दिल्ली, 26 मार्च : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म मामले में हरियाणा पुलिस और बाल कल्याण समिति (CWC) के रवैये को “शर्मनाक और असंवेदनशील” बताते हुए कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने निष्पक्ष जांच के लिए महिला IPS अधिकारियों की विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। कोर्ट द्वारा गठित SIT में एडीजीपी काला रामचंद्रन, एसपी डॉ. अंशु सिंगला और डीसीपी जसलीन कौर शामिल हैं। अदालत ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पोक्सो कोर्ट में ट्रांसफर का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देश दिया कि इस मामले को विशेष पोक्सो एक्ट अदालत को सौंपा जाए, जिसकी अध्यक्षता महिला न्यायिक अधिकारी करें। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने हरियाणा पुलिस को इस बात पर आड़े हाथों लिया कि उसने FIR में गंभीर धाराएं लगाने के बजाय हल्की धाराएं लगाकर अपराध की गंभीरता कम करने की कोशिश की।

डॉक्टर की भूमिका पर भी सवाल

अदालत ने एक निजी अस्पताल की डॉक्टर की भी कड़ी आलोचना की, जिसने बच्ची के बयान पर अपना रुख बदल लिया। कोर्ट ने इसे “बेहद शर्मनाक” करार दिया। बेंच ने गुरुग्राम पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा कि लापरवाही के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि पुलिस पीड़िता के घर जाने के बजाय परिवार को थाने बुलाकर बयान दर्ज कर रही थी, वह भी आरोपियों के सामने।

दो महीने तक शोषण का आरोप

मामले के अनुसार, सेक्टर-54 की एक सोसाइटी में तीन साल की बच्ची के साथ दो महिला नौकरानियों और उनके एक पुरुष साथी द्वारा करीब दो महीने तक कथित यौन शोषण किया गया। शिकायत के बाद मामला दर्ज हुआ। दालत ने कहा कि बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को बचाने की कोशिश की, जो बेहद गंभीर मामला है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।

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