April 1, 2026

पंजाब पुलिस को 508 इमरजेंसी वाहन मिले, सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत

पंजाब पुलिस को 508 इमरजेंसी वाहन...

संगरूर, 1 अप्रैल : पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने संगरूर में 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन (ईआरवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल राज्य में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करने और आपातकालीन सेवाओं को तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार अब अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर महज छह मिनट के भीतर पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। ये अत्याधुनिक वाहन डायल-112 सेवा के तहत सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे।

तकनीक से लैस आधुनिक पुलिसिंग

इन वाहनों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी। यह कदम राज्य में तकनीक-आधारित और तेज कानून-व्यवस्था प्रणाली को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पुलिस वाहनों पर 327.70 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इससे पुलिस बल का आधुनिकीकरण हुआ है और कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।

सरकार की नशा विरोधी मुहिम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसा गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में सजा दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो अन्य राज्यों से काफी अधिक है।

‘नशा आतंकवाद’ के खिलाफ जंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस सीमा पार से हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है। उन्होंने इसे “नशा आतंकवाद” करार देते हुए कहा कि यह अभियान राज्य की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए बेहद जरूरी है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के सामाजिक बहिष्कार की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को मिलकर ऐसे तत्वों के खिलाफ खड़ा होना होगा ताकि पंजाब को नशे से मुक्त किया जा सके।

निवेश और विकास को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि Tata Steel द्वारा पंजाब में बड़े निवेश की योजना इसका प्रमाण है। प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार एसएचओ स्तर तक पुलिस अधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यक्षमता बढ़ेगी। यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य में तेज और भरोसेमंद पुलिसिंग की नई दिशा भी तय करेगी।