चंडीगढ़, 10 अप्रैल : पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को और तेज़ करते हुए भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने “गैंगस्टरों के खिलाफ जंग” अभियान के तहत व्यापक ऑपरेशन चलाए हैं। इन अभियानों का उद्देश्य गैंगस्टर नेटवर्क, नार्को-सिंडिकेट और उनके सहयोगियों को जड़ से खत्म करना है।
44,000 से अधिक छापे, हजारों गिरफ्तार
20 जनवरी से 15 मार्च 2026 के बीच पंजाब पुलिस ने 44,787 छापेमारी अभियान चलाए। इस दौरान कुल 14,894 लोगों को गिरफ्तार किया गया: 14,561 वांछित अपराधी, 333 सहयोगी और रिश्तेदार, इसके अलावा 714 घोषित अपराधियों को भी पकड़ा गया, जो लंबे समय से फरार थे।
पुलिस ने सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर निवारक रणनीति भी अपनाई। 7,494 लोगों को निवारक हिरासत में लिया गया। इनमें 7,210 वांछित और 284 सहयोगी शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य संभावित अपराधों को पहले ही रोकना है।
हथियार, विस्फोटक और ड्रोन की बड़ी बरामदगी
अभियानों के दौरान भारी मात्रा में खतरनाक सामग्री जब्त की गई:
- 301 हथियार और 125 धारदार हथियार
- 921 राउंड गोला-बारूद और 81 मैगज़ीन
- 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 6 हैंड ग्रेनेड
इसके साथ ही 10 ड्रोन भी बरामद किए गए, जो आपराधिक नेटवर्क के आधुनिक तकनीकी इस्तेमाल को दर्शाते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर संगठित अपराध के पूरे ढांचे को तोड़ने की रणनीति है।
राज्य में मजबूत संदेश
सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी गैंग या अपराधी बिना सज़ा के न बच सके। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लगातार और सख्त ऑपरेशन गैंगस्टर और ड्रग नेटवर्क को कमजोर कर रहे हैं और पूरे राज्य में एक सख्त संदेश दे रहे हैं।
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक राज्य से संगठित अपराध का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता।

More Stories
अकाली नेता वरदेव सिंह नॉनी मान को हाईकोर्ट से जमानत, 5 महीने बाद जेल से रिहाई तय
बरसात से पहले सड़क निर्माण पूरा करने के निर्देश, PWD की प्रगति समीक्षा
मिशन समर्थ 4.0 लॉन्च: पंजाब शिक्षा सुधारों में अगला बड़ा कदम