चंडीगढ़, 10 अप्रैल : पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) नवजात शिशुओं और माताओं के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक हजारों परिवारों को महंगे इलाज से राहत मिली है।
चार महीने की ‘दिलजोत’ को मिला नया जीवन
अबोहर की चार महीने की बच्ची दिलजोत, जो गंभीर संक्रमण और वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (दिल में छेद) से जूझ रही थी, इस योजना का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। उसके पिता भारत कुमार, जो एक छोटे सैलून संचालक हैं, ने बताया कि बच्ची का इलाज दो अस्पतालों में हुआ और कुल ₹2.77 लाख का खर्च मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पूरी तरह कवर किया गया। परिवार को बिना किसी आर्थिक चिंता के 24 घंटे गहन चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
तीन महीनों में 6,000 से अधिक नवजातों का इलाज
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, केवल पिछले तीन महीनों में 6,000 से अधिक नवजात शिशुओं का इलाज इस योजना के तहत किया जा चुका है। यह आंकड़ा योजना की बढ़ती पहुँच और प्रभाव को दर्शाता है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
पंजाब सरकार लोगों से अपील कर रही है कि वे सेहत कार्ड बनवाकर इस योजना का लाभ उठाएँ। इसके लिए गांवों और शहरों में शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का यह वादा— “इलाज की चिंता करें, बिल की नहीं” — अब जमीनी स्तर पर हकीकत बनता दिख रहा है। मुख्यमंत्री सेहत योजना न सिर्फ इलाज दे रही है, बल्कि हजारों परिवारों को आर्थिक बोझ से भी बचा रही है और नवजातों को सुरक्षित जीवन की शुरुआत दे रही है।

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