वृंदावन, 11 अप्रैल : उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में एक दर्दनाक नाव हादसा सामने आया, जिसमें 10 श्रद्धालुओं की जान चली गई। मृतकों में से 7 लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।
मृतकों में जगराओं के रहने वाले मधुर बहल, उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत, उनकी पत्नी पिंकी बहल, मासी आशा रानी, दूसरी मासी अंजू गुलाटी (लुधियाना निवासी) और चाचा राकेश गुलाटी शामिल हैं। इस घटना ने परिवार को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है।
कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों ने सुनाई कहानी
हादसे में बचे लोगों ने बताया कि करीब 130 श्रद्धालु दो बसों में वृंदावन दर्शन के लिए पहुंचे थे और फोगला आश्रम के पास ठहरे हुए थे। जब नाव पीपा पुल के पास पहुंची तो यात्रियों ने नाव चालक को रोकने के लिए कहा, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया।
बताया जा रहा है कि नाव दो बार टक्कर से बच गई, लेकिन तीसरी बार पुल से टकरा गई, जिससे नाव पलट गई और बड़ा हादसा हो गया।
गोताखोरों ने चलाया राहत और बचाव अभियान
घटना के बाद गोताखोरों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन 10 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। गोताखोरों के अनुसार हादसा बेहद अचानक हुआ और स्थिति को संभालने का समय नहीं मिला।
मृतक लुधियाना और जगराओं के निवासी थे। जैसे ही उनके शव गांव और शहर पहुंचे, माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे पंजाब में शोक का माहौल है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद प्रशासन और सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी बरती जाती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।

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