नई दिल्ली, 17 अप्रैल : महाराष्ट्र के नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) कार्यालय में कथित जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोप अब Supreme Court of India तक पहुंच गए हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत से इस मामले को एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या के रूप में स्वीकार करने की अपील की है।Ashwini Upadhyay द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया है कि इस तरह की घटनाएं केवल एक कार्यालय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संगठित स्तर पर समाज के लिए खतरा बन सकती हैं। याचिका में ऐसे कृत्यों को “आतंकवादी गतिविधि” और “देश के खिलाफ अप्रत्यक्ष युद्ध” तक बताया गया है।
पुलिस जांच और अंडरकवर ऑपरेशन
नासिक स्थित TCS में काम करने वाली कई महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। शिकायतों में यह भी कहा गया है कि कुछ सहकर्मियों द्वारा धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और महिला पुलिसकर्मियों को अंडरकवर ऑपरेशन के लिए तैनात किया। अब तक मिली शिकायतों और सबूतों के आधार पर कई FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
कई गिरफ्तारियां, HR अधिकारी भी शामिल
मार्च से अप्रैल के बीच कम से कम 9 शिकायतें दर्ज हुई हैं। जांच के दौरान टीम लीडरों और वरिष्ठ HR अधिकारियों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह भी सामने आया है कि कुछ कर्मचारियों की भर्ती एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई हो सकती है। शिकायत करने वाली अधिकांश महिलाएं युवा हैं, जिन्होंने हाल ही में अपने करियर की शुरुआत की है। इस पूरे मामले ने कार्यस्थल की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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