त्रिची, 17 अप्रैल : तामिलनाडु नेश्नल लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर V. Nagaraj ने छात्राओं के पहनावे को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि शॉर्ट्स पहनने वाली छात्राएं “यौन उत्पीड़न को आमंत्रित करती हैं” और इससे छात्रों व फैकल्टी का ध्यान भटकता है। इस बयान के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। वीसी के बयान के विरोध में छात्रों ने काले कपड़े और शॉर्ट्स पहनकर कैंपस में प्रदर्शन किया। तख्तियों पर “कपड़ों को नहीं, सोच को दोष दो” जैसे नारे लिखे गए। छात्रों ने नोटिस जारी कर बयान की निंदा की और वीसी से सार्वजनिक माफी की मांग की।
वीसी का स्पष्टीकरण और बचाव
यह पहली बार नहीं है जब V. Nagaraj इस तरह के विवाद में आए हैं। वर्ष 2016 में, जब वह National Law School of India University में फैकल्टी मेंबर थे, तब भी उन्होंने इसी तरह की टिप्पणी की थी। विवाद बढ़ने पर वीसी शाम करीब 6 बजे छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से बाहर समझा गया है और वह विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा तथा एडमिशन के संदर्भ में बात कर रहे थे। एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने भी उनका बचाव करते हुए कहा कि यह टिप्पणी “एक पिता के दृष्टिकोण” से की गई थी।
संवाद के दौरान एक छात्रा ने वीसी से पूछा, “क्या आप हमारी शॉर्ट्स से परेशान हैं, सर?” इस सवाल पर वीसी ने कोई जवाब नहीं दिया। वीसी के कैंपस छोड़ने के बाद भी छात्रों का विरोध रात 9 बजे तक जारी रहा, जिससे यह मुद्दा विश्वविद्यालय में बड़ा विवाद बन गया।
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