नार्वे, 24 अप्रैल : Norway की सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में नया कानून लाने का ऐलान किया गया है। प्रस्तावित कानून के तहत टेक कंपनियों के लिए यह अनिवार्य किया जाएगा कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर सख्त एज वेरिफिकेशन (Age Verification) लागू करें। यानी बिना उम्र की पुष्टि के किसी भी नाबालिग को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre ने कहा, “हम ऐसा बचपन चाहते हैं, जहां बच्चे वास्तव में बच्चे रह सकें। उनकी खेल, दोस्ती और रोजमर्रा की जिंदगी को एल्गोरिदम और स्क्रीन के हवाले नहीं किया जा सकता।” उन्होंने इसे बच्चों के डिजिटल जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी कदम बताया।
2026 के अंत तक संसद में पेश होगा बिल
लेबर पार्टी के नेतृत्व वाली अल्पमत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह विधेयक 2026 के अंत तक संसद में पेश किया जाएगा। इसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के बढ़ते नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए लिया गया है। इसे दुनिया के सबसे सख्त डिजिटल सुरक्षा कदमों में से एक माना जा रहा है। नॉर्वे के इस कदम के बाद अन्य देशों में भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर नई बहस छिड़ने की संभावना है।
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