नई दिल्ली, 24 अप्रैल: कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को नई दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके कारण उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
सज्जन कुमार इस समय 1984 के दंगों से जुड़े कई मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। 2018 में, दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें पालम कॉलोनी में पांच सिखों की हत्या के लिए दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद 2025 में, उन्हें सरस्वती विहार हिंसा और हत्या की साजिश से जुड़े एक अन्य मामले में भी उम्रकैद की सजा दी गई।
पूर्व कांग्रेस सांसद ने अपनी सेहत और उम्र का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी। उनका कहना था कि लंबी कैद और स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्हें राहत दी जानी चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
जमानत याचिका खारिज की
अदालत ने कहा कि इस मामले में बेहद गंभीर अपराध शामिल हैं, जिनके कारण बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई थी, और इस समय किसी भी तरह की राहत देना उचित नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उनकी अपील की अंतिम सुनवाई तक उन्हें जेल में ही रहना होगा।
गौरतलब है कि 1984 के सिख विरोधी दंगे देश की सबसे दर्दनाक और संवेदनशील घटनाओं में से एक हैं। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी थी, जिसके परिणामस्वरूप हजारों सिखों की मौत हुई और व्यापक नुकसान हुआ। जांच और मुकदमे कई वर्षों तक चलते रहे, जिसके बाद सजा सुनाई गई। सज्जन कुमार का मामला भी लंबे समय से अदालतों में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिली है, हालांकि वे अभी भी पूर्ण न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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