April 28, 2026

न्याय और आत्म-सम्मान के लिए हर कुर्बानी को तैयार रहना चाहिए : भगवंत मान

न्याय और आत्म-सम्मान के लिए...

चंडीगढ़, 27 अप्रैल: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब की सीनियर लीडरशिप ने पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल के जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की अदालत में पेश न होने के फैसले का जोरदार समर्थन किया है। पार्टी नेताओं ने इसे सच्चाई, आत्म-सम्मान और गांधीवादी सत्याग्रह पर आधारित एक सैद्धांतिक कदम बताया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि अरविंद केजरीवाल ने यह साबित किया है कि न्याय और आत्म-सम्मान के लिए इंसान को हर तरह की कुर्बानी के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो जनता का भरोसा डगमगा जाता है, और ऐसे समय में पूरी पार्टी चट्टान की तरह केजरीवाल के साथ खड़ी है।

“न्याय होता हुआ दिखना भी जरूरी” : हरजोत बैंस

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि जब न्याय पर राजनीतिक प्रभाव पड़ता है, तो सच्चाई और निष्पक्षता दोनों को नुकसान होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े मामलों में निष्पक्षता पर संदेह होना स्वाभाविक है।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केजरीवाल के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आजादी के बाद शायद पहली बार किसी नेता ने सिस्टम की खामियों को उजागर करने के लिए ऐसा रास्ता चुना है। उनका कहना था कि यह एक सैद्धांतिक स्टैंड है, जिसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना है। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता केवल निष्पक्षता पर नहीं, बल्कि उसकी पारदर्शिता पर भी निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जब जनता सवाल उठाती है, तो सिस्टम की गरिमा बनाए रखने के लिए मजबूत रुख अपनाना जरूरी हो जाता है।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए। उन्होंने केजरीवाल के इस फैसले को अंतरात्मा की आवाज बताते हुए उसका समर्थन किया।

इसके अलावा कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, लाल चंद कटारूचक, हरदीप सिंह मुंडियां और हरभजन सिंह ईटीओ ने भी केजरीवाल के समर्थन में एकजुटता जताई और न्याय तथा सच्चाई की लड़ाई में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।