April 28, 2026

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम : इमारतों में अनिवार्य होगी EV चार्जिंग

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम...

चंडीगढ़, 28 अप्रैल : इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने और भविष्य के लिए तैयार शहरी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से हरियाणा के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (TCPD) ने हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के तहत रिहायशी और गैर-रिहायशी दोनों प्रकार की इमारतों में EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अनिवार्य किया जाएगा।

नगरीय एवं ग्राम नियोजन निदेशालय द्वारा 27 अप्रैल को जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, इन संशोधनों को सरकार पहले ही प्रारंभिक मंजूरी दे चुकी है। अब नागरिकों और हितधारकों से 26 मई तक 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।

गैर-रिहायशी इमारतों के लिए नए नियम

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, जिन गैर-रिहायशी इमारतों (जैसे मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल और कार्यालय) में कम से कम 10 कारों की पार्किंग होगी, उनमें हर तीन पार्किंग स्लॉट पर कम से कम एक EV चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सभी ऐसी इमारतों को 100% EV-रेडी कंडुइट सिस्टम भी स्थापित करना होगा। रिहायशी कॉम्प्लेक्स, सहकारी हाउसिंग सोसाइटी, ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और RWA-प्रबंधित आवासीय ब्लॉकों (जहां 10 या अधिक पार्किंग स्लॉट हों) में हर पांच पार्किंग स्लॉट पर एक EV चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य होगा। साथ ही पूरा ढांचा EV-रेडी कंडुइट सिस्टम के साथ तैयार करना होगा।

FAR में छूट से डेवलपर्स को राहत

प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की गणना से बाहर रखा जाएगा। इससे डेवलपर्स और हाउसिंग सोसाइटीज़ पर अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र की बाधा नहीं आएगी और वे नए नियमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। ड्राफ्ट में यह भी प्रावधान किया गया है कि फायर सेफ्टी मानकों का पालन करते हुए बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर पर भी EV चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जा सकते हैं।

नगरीय एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक ने कहा है कि अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले ईमेल के माध्यम से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। इन संशोधनों को बाद में हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 की धारा 6.3(3) में शामिल किया जाएगा।

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