नई दिल्ली, 28 अप्रैल: भारत को अगले महीने रूस से S-400 मिसाइल प्रणाली की चौथी इकाई मिलने की उम्मीद है। यह उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम भारत की सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करेगा। अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ इस मिसाइल सिस्टम की पांच इकाइयों की खरीद के लिए लगभग 5 अरब डॉलर का समझौता किया था, जिनमें से तीन पहले ही भारत को मिल चुकी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पांचवीं इकाई भी इस साल नवंबर तक डिलीवर कर दी जाएगी।
ऑपरेशन सिंधूर में अहम भूमिका
S-400 मिसाइल प्रणाली ने ऑपरेशन सिंधूर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारतीय वायु सेना ने इस सिस्टम का व्यापक इस्तेमाल कर दुश्मन की क्षमताओं को कमजोर किया था। बताया जा रहा है कि भारत ने हाल ही में रूस से S-400 की पांच और इकाइयों की खरीद को मंजूरी दी है, जिससे कुल संख्या 10 हो जाएगी।
भारत ने इस डील पर हस्ताक्षर करते समय अमेरिकी कानून CAATSA के तहत संभावित प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद यह कदम उठाया था। हालांकि, अब माना जा रहा है कि नई डिलीवरी पर किसी तरह की बाधा नहीं आएगी, क्योंकि यह पहले से हुए समझौते का ही हिस्सा है।
कितनी ताकतवर है S-400?
S-400 मिसाइल प्रणाली को दुनिया के सबसे उन्नत और लंबी दूरी तक मार करने वाले सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम में गिना जाता है। यह एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक और नष्ट करने में सक्षम है। रूस पहले ही भारतीय सैनिकों को इस सिस्टम के संचालन की ट्रेनिंग दे चुका है, जिससे इसे भारतीय वायु रक्षा तंत्र में प्रभावी ढंग से शामिल किया जा चुका है।

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