अमृतसर, 17 जून 2026: पंजाबी व्यंजनों की शान अमृतसरी कुलचे को अब भौगोलिक संकेत (GI) टैग दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। पंजाब सरकार के फूड प्रोसेसिंग विभाग ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 19 जून को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय अमृतसर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें अमृतसरी कुलचे को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
फूड प्रोसेसिंग विभाग के विशेष सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि अमृतसरी कुलचा पंजाब की विशिष्ट खान-पान विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी नकल बनाए जाने से इसकी मूल पहचान और इससे जुड़े कारीगरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए इसे GI टैग दिलाना आवश्यक हो गया है।
GI टैग भारत के जीआई अधिनियम, 1999 के तहत दिया जाने वाला कानूनी प्रमाणन है, जो किसी विशेष क्षेत्र से जुड़े उत्पाद की विशिष्टता और पहचान को संरक्षण प्रदान करता है।
विभाग का मानना है कि अमृतसरी कुलचा मात्र एक व्यंजन नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक और पाक विरासत का प्रतीक है। GI टैग मिलने से इसकी मौलिकता बनी रहेगी और स्थानीय कारीगरों को भी लाभ होगा।
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