July 22, 2026

नए जिला शिकायत निवारण सेल के माध्यम से नागरिकों को 45 दिनों के भीतर गलत ई-चालानों को चुनौती देने का अधिकार – हरपाल सिंह चीमा

HARPAL CHEEMA

चंडीगढ़, 22 जुलाई 2026: पंजाब में सड़क सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने तथा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्त एवं परिवहन मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। नए दिशा-निर्देशों के तहत जहां नागरिकों को गलत ई-चालानों को चुनौती देने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है, वहीं खतरनाक ड्राइविंग, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने तथा वाहन संबंधी रिकॉर्ड समय पर अपडेट न करने पर भी सख्त दंड का प्रावधान किया गया है।

जारी एक प्रेस बयान में परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि ई-चालान संबंधी विवादों के त्वरित और अधिकार क्षेत्र के अनुसार निपटारे के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में जिला शिकायत निवारण सेल स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा, “यदि किसी नागरिक को लगता है कि उसका ई-चालान गलत तरीके से जारी किया गया है, तो वह 45 दिनों के भीतर इसे चुनौती दे सकता है। वाहन स्वामी अपने दावे के समर्थन में डैशकैम फुटेज, फोटो, वीडियो क्लिप, गवाहों के बयान अथवा अन्य आवश्यक साक्ष्य जिला शिकायत निवारण सेल के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।”

वाहन पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड को अद्यतन रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री चीमा ने कहा कि वाहन स्वामियों द्वारा स्वामित्व अथवा पते में परिवर्तन की जानकारी समय पर दर्ज न कराने पर अब सख्त जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार पता बदलने की स्थिति में 30 दिनों के भीतर पंजीकरण प्राधिकरण को सूचित करना अनिवार्य है। इसी प्रकार, यदि वाहन का स्वामित्व पंजाब के भीतर हस्तांतरित किया जाता है तो 14 दिनों तथा राज्य से बाहर हस्तांतरण होने पर 45 दिनों के भीतर इसकी सूचना देना आवश्यक होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार 500 रुपये तथा प्रत्येक अगले उल्लंघन पर 1,500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खतरनाक ड्राइविंग को आधिकारिक रूप से गैर-समझौतायोग्य (नॉन-कंपाउंडेबल) अपराध घोषित कर दिया है। इसका अर्थ है कि ऐसे मामलों का निपटारा मौके पर केवल जुर्माना भरकर नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के अंतर्गत आने वाले अपराध, जैसे लालबत्ती पार करना, स्टॉप साइन की अनदेखी करना, यातायात की निर्धारित दिशा के विपरीत वाहन चलाना तथा शराब या नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाना, अब सख्त कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

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