July 22, 2026

भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति से राज्य के विद्यार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मिली बड़ी मदद

Business Blasters program

चंडीगढ़, 22 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के अंतर्गत राज्यभर के उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुरू किए गए ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के अत्यंत उत्साहजनक और सार्थक परिणाम सामने आए हैं। बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक., बी.वोकेशनल तथा आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य विषय के रूप में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के पहले वर्ष में लगभग 95,000 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। इनमें से 25,693 विद्यार्थियों ने अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू किए, जबकि 20,241 छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में लगभग 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

इस उपलब्धि पर उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब का बिजनेस क्लास कार्यक्रम शिक्षा के उद्देश्य को नई परिभाषा दे रहा है। हमारा लक्ष्य केवल डिग्रियां देना नहीं, बल्कि नवाचार करने वाले, उद्यमी और रोजगार सृजित करने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है। लगभग 95,000 विद्यार्थियों ने अपने व्यावसायिक विचारों पर काम किया, जिनमें से 25,000 से अधिक ने अपने स्टार्टअप शुरू किए। पहले ही वर्ष में इन उद्यमों ने सामूहिक रूप से लगभग 90 करोड़ रुपये की कमाई की। इससे स्पष्ट है कि यदि युवाओं को सही अवसर मिलें तो वे सफल व्यवसाय खड़े कर सकते हैं, रोजगार पैदा कर सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब की शिक्षा क्रांति हमारे युवाओं को केवल नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार और अवसर सृजित करने के लिए तैयार कर रही है।”

इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के युवा केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं रोजगार सृजित करें और आर्थिक विकास में भागीदार बनें। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य की 20 विश्वविद्यालयों, 494 कॉलेजों, 320 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक सहित कुल 925 उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. तथा बी.वोकेशनल के विद्यार्थियों के लिए अकादमिक सत्र 2025-26 के दौरान दो-क्रेडिट का अनिवार्य पाठ्यक्रम शुरू किया गया।

पारंपरिक शिक्षा, जो केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित रहती है, उससे अलग यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावसायिक अवसरों की पहचान, ग्राहक अनुसंधान, बाजार सत्यापन, व्यवसाय स्थापित करना, डिजिटल उपस्थिति, मूल्य निर्धारण रणनीति, ग्राहक प्राप्ति, वित्तीय योजना, संचार कौशल तथा समस्या समाधान जैसे व्यावहारिक उद्यमिता कौशल सिखाता है। परिणामस्वरूप लगभग 57,000 विद्यार्थी (करीब 60 प्रतिशत प्रतिभागी) पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हुए।

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