दिल्ली, 21 अगस्त 2026: गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस का वंदे मातरम पूरा न गाने का फैसला हैरान करने वाला और देशविरोधी है। 1937 में कांग्रेस ने जो फैसला लिया था उसे पीएम मोदी ने सुधारा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में राष्ट्रगीत के दो टुकड़े कर मुस्लिम तुष्टीकरण किया था। उस फैसले से दो-राष्ट्र सिद्धांत को मजबूती मिली और आगे चलकर देश का विभाजन हुआ।
शाह के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया। पार्टी के सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा था। यह हमारे लिए भावनात्मक मुद्दा है। बीजेपी स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा नहीं थी। उनके लिए यह राजनीतिक मुद्दा है।
दरअसल कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने बुधवार को ऐलान किया कि पार्टी अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 पैरा में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाएगी। यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर हुए विवाद के बाद आया।
अमित शाह ने कहा, “कांग्रेस का सिर्फ दो पैरा वंदे मातरम गाने का फैसला तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति है। देश में अब तुष्टिकरण की राजनीति नहीं चलेगी।”
“1937 में कांग्रेस ने वंदे मातरम को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया था। आज कांग्रेस उसी पुराने फैसले को फिर लागू कर रही है।”
ये भी देखें: बंगाल में मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य, शुभेंदु सरकार का निर्देश

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