चंडीगढ़, 12 सितंबर 2026: सोनीपत जिले के राई स्थित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा के स्विमिंग पूल में 21 मई को हुई स्टूडेंट निशांत गौतम की संदिग्ध मौत के मामले में परिवार ने अब हरियाणा के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार ने सीएम सैनी से मुलाकात कर जांच को स्थानीय पुलिस से बदलकर हरियाणा पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि निशांत की मौत को हादसा मानकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और दिमाग में रक्तस्राव जैसी अहम बातें सामने आई हैं। परिवार ने सीसीटीवी-डीवीआर के गायब होने और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस की स्पेशल इंक्वायरी टीम द्वारा मौत को प्रथम दृष्टया हादसा बताए जाने पर भी सवाल उठाए हैं।
परिवार ने मुख्यमंत्री कार्यालय से निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए मामले को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करने का आग्रह किया है। बताया गया है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले में आश्वासन देते हुए तुरंत प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
परिवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बताया कि निशांत की मौत 21 मई 2026 को हुई थी जबकि इस मामले में एफआईआर पुलिस थाना राई में 18 जून 2026 को दर्ज की गई। परिवार ने कहा कि मौत के 28 दिन बाद एफआईआर दर्ज होने के कारण इस दौरान कई महत्वपूर्ण और समय के साथ नष्ट या गायब हो सकने वाले साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। परिवार ने जांच को क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग के पीछे इसे भी एक प्रमुख कारण बताया है।
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