इस्तांबुल, 28 जून : तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने हाल ही में यह स्वीकार किया है कि रूस द्वारा विकसित उन्नत एस-400 मिसाइल प्रणाली पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थ है, जो कि रूस के लिए एक महत्वपूर्ण गर्व का विषय रहा है। इस प्रणाली की खरीद को लेकर तुर्की और रूस के बीच कई विवाद और चिंताएं उत्पन्न हुई हैं, जिनमें अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा और नाटो सहयोगियों के साथ बढ़ता तनाव शामिल है। इसके अलावा, कुछ रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि एस-400 प्रणाली में तकनीकी कमियां हैं, जो इसे सुरक्षा के मामले में प्रभावी नहीं बनाती हैं।
अमेरिका ने तुर्की द्वारा एस-400 की खरीद के कारण उस पर प्रतिबंध लगाए हैं, क्योंकि यह प्रणाली अमेरिकी निर्मित एफ-35 लड़ाकू जेट के लिए एक संभावित खतरा मानी जाती है। इस खरीद ने नाटो सहयोगियों के बीच भी चिंता का माहौल पैदा किया है, क्योंकि एस-400 प्रणाली नाटो के सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। इस स्थिति ने तुर्की की सुरक्षा नीति और उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर गहरा प्रभाव डाला है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
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