हैदराबाद, 19 अगस्त : भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो एक ऐसे रॉकेट पर काम कर रही है जो 40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा होगा और पृथ्वी के निचले वायुमंडल में 75,000 किलोग्राम वजन का पेलोड रखने में सक्षम होगा, इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने कहा।
उस्मानिया विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोलते हुए, नारायणन ने कहा कि इस वर्ष इसरो ने कई महत्वपूर्ण मिशनों की योजना बनाई है, जिनमें ‘नेविगेशन विद इंडिया कॉन्स्टेलेशन सिस्टम’ (SAVIC) उपग्रह, N1 रॉकेट और भारतीय रॉकेटों के माध्यम से अमेरिका के 6500 किलोग्राम के संचार उपग्रह को अंतरिक्ष में स्थापित करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम द्वारा निर्मित पहला लॉन्चर 17 टन का था, जो केवल 35 किलोग्राम वजन को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित कर सकता था। आज हम 75,000 किलोग्राम वजन वाले रॉकेट की कल्पना कर रहे हैं, जो 40 मंजिला इमारत जितना ऊँचा होगा। नारायणन ने कहा कि वर्तमान में 55 भारतीय उपग्रह अंतरिक्ष में सक्रिय हैं और अगले 3 से 4 वर्षों में यह संख्या तीन गुना बढ़ाई जाएगी।
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