नई दिल्ली, 3 जुलाई : अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के लोन को ‘धोखाधड़ी’ करार दिया है। इतना ही नहीं बैंक ने अनिल अंबानी के नाम की जानकारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को देने का भी फैसला किया है। आरकॉम की ओर से 1 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के बाद यह खबर सामने आई है। एसबीआई ने 23 जून 2025 को एक पत्र भेजा था, जो 30 जून को आरकॉम को मिला।
एसबीआई ने पत्र में क्या लिखा
पत्र में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि आरकॉम के लोन अकाउंट में अनियमितताएं पाई गई हैं। यह लोन अगस्त 2016 से पहले का है, जब कंपनी की हालत ठीक नहीं थी। जिसके बाद कई कारण बताओ नोटिस और फॉरेंसिक ऑडिट के बाद बैंक ने यह फैसला लिया। एसबीआई का कहना है कि कंपनी ने लोन की शर्तों का पालन नहीं किया और अकाउंट में अनियमितताएं थीं। इसलिए इसे फ्रॉड घोषित किया गया।
आरकॉम ने जवाब में क्या कहा?
आरकॉम ने एसबीआई को जवाब देते हुए कहा कि उनकी कंपनी 2019 से कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (सीआईआरपी) के तहत है। यानी कंपनी के कर्ज और देनदारियों के निपटान की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी का कहना है कि एसबीआई का यह कर्ज सीआईआरपी शुरू होने से पहले का है। इसलिए इसे इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के तहत निपटाया जाना चाहिए।
एसबीआई के पास पर्याप्त सबूत हैं
इस बीच, एसबीआई का कहना है कि उसने आरकॉम के जवाबों पर विचार किया है। लेकिन अनिल अंबानी की कंपनी यह बताने में विफल रही कि उसने लोन की शर्तों का उल्लंघन क्यों किया। इतना ही नहीं, बैंक ने यह भी कहा कि कंपनी आरकॉम के खाते के संचालन में पाई गई अनियमितताओं के बारे में सवालों के जवाब भी नहीं दे पाई। जिसके बाद एसबीआई की धोखाधड़ी का पता लगाने वाली समिति ने यह फैसला लिया। समिति के मुताबिक, बैंक के पास लोन को धोखाधड़ी वाला बताने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
यह भी देखें : केंद्र ने कैब सर्विस कंपनियों को पीक ऑवर्स में बेस फेयर बढ़ाने की दी मंजूरी

More Stories
वैवाहिक विवाद में बच्चे का पैटरनिटी टेस्ट कराया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सरकार ने चीनी डीलरों के लिए स्टॉक सीमा तय की, 15 दिन से ज्यादा नहीं रख सकेंगे
दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर से भारत ने सुरक्षा घेरा हटाया