चंडीगढ, 31 मई : पंजाब सरकार ने जमीन खरीदने के बाद उस पर अमरूद के बाग दिखाकर मुआवजा लेने के मामले में राजस्व अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। 140 करोड़ रुपये के इस घोटाले में दो आईएएस अधिकारियों की पत्नियों सहित कई हाई-प्रोफाइल लोग शामिल हैं। पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व अनुराग वर्मा ने नायब तहसीलदार जसकरन सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है, जिससे अदालत में मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है।
123 करोड़ रूपए घोटाले का मामला
जसकरण सिंह ने कथित तौर पर दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की पत्नियों सहित 101 लाभार्थियों को 123 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एयरो सिटी के निकट विकसित किए जाने वाले सात ब्लॉकों में ब्लॉक ए के लिए अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवजा दिया जाना था, लेकिन कुछ उच्च पदस्थ अधिकारियों सहित उच्च पदस्थ लोगों ने इन जमीनों पर अमरूद के बगीचे दिखाकर अधिक मुआवजा प्राप्त कर लिया। इसका खुलासा होने के बाद विजिलेंस ने मामला दर्ज कर लिया। यह मामला 2022 में सामने आया था।
नायब तहसीलदार ने 101 लाभार्थियों को 123 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की थी। इस मामले में सात सरकारी कर्मचारियों और 16 अन्य लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। यह इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से तीसरी मंजूरी है। इस वर्ष जनवरी में बागवानी विकास अधिकारी जसप्रीत सिंह सिद्धू और वैशाली के खिलाफ मुकद्मा चलाने की अनुमति दी गई थी। उल्लेखनीय है कि इस टाउनशिप से सटे पांच अन्य ब्लॉकों के विकास को भी हाल ही में मंजूरी दी गई है। अब इस जमीन पर नई लैंड पूलिंग नीति के तहत टाउनशिप विकसित की जाएगी।
यह भी देखें : http://Approval to prosecute Naib Tehsildar in Guava Garden scam

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