जालंधर/चंडीगढ़, 29 सितम्बर : पंजाब विधानसभा सत्र के आखिरी दिन विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। सत्र के दौरान बोलते हुए सरदूलगढ़ से आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत सिंह बनांवाली ने विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा से पंजाब को कंगाल कहने के लिए माफी मांगने की मांग की। अपने संबोधन में गुरप्रीत ने कहा कि जिस तरह से पंजाब में बाढ़ के कारण नुकसान हुआ है, आज पंजाब की माताएँ, बहनें और युवा विधानसभा की ओर देख रहे हैं और बाढ़ पीड़ितों को उम्मीद की किरण दिख रही है कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि आज उनके लिए क्या करने वाले हैं।
बाढ़ के कारण जो नुकसान हुआ है, वो सबने बता दिया है। सबसे बड़ी बात ये है कि एस.डी.आर.एफ. और एन.डी.आर.एफ. के तहत मुआवज़ा देने के जो नियम हैं, उन नियमों को बदलने की ज़रूरत है।
पंजाब विधानसभा में बहस का खुला निमंत्रण
वहीं, विपक्षी नेता प्रताप बाजवा द्वारा पंजाब को ‘गरीब’ कहे जाने पर उन्होंने कहा कि पंजाब कभी ‘गरीब’ नहीं हो सकता। पंजाब उजड़ने के बाद फिर से बसा है। पंजाब गिरा और फिर उठा है। प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब को ‘गरीब’ कहने के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को समय न देना मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब का अपमान है।
उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि यह वही पंजाब है जिसने सीमा पर पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी है। पंजाब ने बहुत कुछ सहा है, पंजाब भी आपका हिस्सा है, इसलिए उन्हें आज पंजाब के साथ खड़ा होना चाहिए। भाजपा द्वारा किए गए बहिष्कार पर बोलते हुए गुरप्रीत सिंह बनानवाली ने कहा कि मैं उन लोगों से अनुरोध करता हूं जो बाहर बैठे हैं कि आज पंजाब विधानसभा में बहस का खुला निमंत्रण है। अगर वे पंजाब के प्रतिनिधि हैं और पंजाब से सहानुभूति रखते हैं, तो उन्हें बाहर बैठकर नाटक करने के बजाय पंजाब विधानसभा में आकर जवाब देना चाहिए।
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