नई दिल्ली, 1 अप्रैल : इन दिनों भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चिली के दौरे पर गए हुए हैं जहां भारत और चिली व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करने पर सहमत हो गए हैं। भारत की यात्रा पर आए चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिच फोंटे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई बैठक में यह सहमति बनी। इस बैठक में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों (इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा, अर्धचालक, रोबोटिक्स आदि) में उपयोग होने वाले बहुमूल्य खनिजों के खनन एवं उत्पादन में सहयोग पर सहमति बनी।
दुनियां में तांबा और लिथियम का सबसे बड़ा उत्पादक देश चिली, भारत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है।
इस संबंध में भारत और चिली के बीच एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। वर्तमान में, चीन चिली से इन खनिजों का सबसे बड़ा आयातक है, लेकिन राष्ट्रपति बोरिच ने स्वयं कहा कि उनका देश इन खनिजों में व्यापार बढ़ाने के लिए उत्सुक है।
भारतीय निवेश बढ़ाना चाहता है चिली
चिली अपने खनन क्षेत्र में भारतीय निवेश चाहता है। चिली को एक महत्वपूर्ण मित्र देश बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति फोंटे के साथ वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘हमने आगामी दशक में सहयोग के लिए कई नए क्षेत्रों की पहचान की है।’ हम इस बात पर सहमत हैं कि व्यापार और निवेश में सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। आज हमने अपनी टीम को पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर चर्चा शुरू करने का निर्देश दिया है। महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में साझेदारी पर जोर दिया जाएगा। ‘खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।’
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