नई दिल्ली, 8 जनवरी : व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि ग्रीनलैंड को खरीदने को लेकर अमेरिका में अब भी सक्रिय रूप से चर्चा चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो गया है, खासकर रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनज़र। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आर्कटिक क्षेत्र में रूसी और चीनी प्रभाव का मुकाबला करने के लिए ग्रीनलैंड को अमेरिका के लिए आवश्यक मानते हैं।
लेविट ने पत्रकारों से कहा,
“ग्रीनलैंड को खरीदने का विचार कोई नया नहीं है। राष्ट्रपति का मानना है कि यह 1800 के दशक से ही अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लाभकारी रहा है।”
ग्रीनलैंड खरीद पर व्हाइट हाउस में सक्रिय चर्चा
लेविट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि आर्कटिक सुरक्षा अब अमेरिका की बढ़ती प्राथमिकता बन चुकी है। उन्होंने कहा,
“राष्ट्रपति इसे आर्कटिक क्षेत्र में रूसी और चीनी आक्रामक गतिविधियों को रोकने के लिए अमेरिका के सर्वोत्तम हित में मानते हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या इस संभावित कदम के लिए वित्तीय शर्तों पर भी विचार किया जा रहा है, तो लेविट ने कहा कि इस पर चर्चा जारी है।
उन्होंने कहा,
“यह ऐसा विषय है जिस पर राष्ट्रपति और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम इस समय सक्रिय रूप से विचार कर रही है।”
आर्कटिक में रूस-चीन को रोकने की रणनीति
लेविट ने यह कहने से इनकार कर दिया कि किसी भी विकल्प—यहां तक कि सैन्य विकल्प—को पूरी तरह खारिज किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप सार्वजनिक रूप से अपने रणनीतिक विकल्पों को सीमित नहीं करते।
उन्होंने कहा,
“राष्ट्रपति ट्रंप के लिए सभी विकल्प हमेशा खुले रहते हैं, क्योंकि वह यह देखते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका के हित में क्या है।”
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कूटनीति प्रशासन का पसंदीदा रास्ता बनी हुई है।
“कूटनीति हमेशा से राष्ट्रपति का पहला विकल्प रही है,” लेविट ने कहा।
इस बयान के बाद एक बार फिर ग्रीनलैंड की रणनीतिक अहमियत और अमेरिका की आर्कटिक नीति अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गई है।

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