नैनीताल, 31 अगस्त : ला नीना के सक्रिय होने के पूर्वानुमान ने इस सर्दी में बर्फबारी की उम्मीद जगा दी है। एनओएए ने अनुमान जताया है कि यह सितंबर से सक्रिय होगा। जिसके चलते इस बार भारत समेत उत्तरी गोलार्ध की सर्दी काफी कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ वायुमंडलीय वैज्ञानिक डॉ. नरिंदर सिंह ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) ने विश्व के मौसम को प्रभावित करने वाले मौसम चक्र ला नीना के सक्रिय होने की भविष्यवाणी की है, जो सितंबर में सक्रिय होने वाला है।
ला नीना दुनिया के मौसम को प्रभावित करता है
नैनीताल: अल नीनो और ला नीना दुनिया के मौसम को प्रभावित करते हैं। ये दोनों ही प्राकृतिक जलवायु को प्रभावित करने वाले दो कारक हैं। इनकी सक्रियता के कारण यह अनुमान लगाना आसान हो जाता है कि मौसम गर्म होगा या ठंडा।
अल नीनो पैटर्न एक गर्म चरण है जिसमें प्रशांत महासागर का सतही जल असामान्य रूप से गर्म हो जाता है, जिससे गर्मी बढ़ने में मदद मिलती है। इसके विपरीत, ला नीना एक ठंडा चरण है जिसमें महासागरीय जल का तापमान असामान्य रूप से कम होने लगता है। जिससे वैश्विक स्तर पर तापमान में कमी के कारण ठंडक बढ़ जाती है।

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