चंडीगढ़, 2 फरवरी : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026-27 में चंडीगढ़ को बड़ा झटका लगा है। इस बार यूटी प्रशासन को पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम बजट आवंटित किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चंडीगढ़ को कुल 6545.52 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 437.66 करोड़ रुपये कम है।
इसमें 5939.52 करोड़ रुपये रेवेन्यू हेड और 606 करोड़ रुपये कैपिटल हेड के लिए निर्धारित किए गए हैं। यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार से बजट में 20 प्रतिशत वृद्धि की मांग की थी, लेकिन इसके विपरीत बजट में कटौती कर दी गई।
बजट उपयोग न होने को लेकर तिवारी ने उठाए सवाल
चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बजट में कटौती पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चंडीगढ़ के लिए आवंटित बजट का सही और समय पर उपयोग न होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि बजट 2025-26 में स्वीकृत 6,187 करोड़ रुपये में से 630 करोड़ रुपये से अधिक खर्च नहीं हो पाए, जिसके चलते 2026-27 में बजट घटाकर लगभग 5,720 करोड़ रुपये तक सीमित कर दिया गया।
प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है बजट कटौती : तिवारी
मनीष तिवारी ने आरोप लगाया कि यह स्थिति वित्तीय अनुशासन नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही और स्पष्ट दिशा की कमी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर शहरी बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा। तिवारी ने केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से अपील की कि बजट का पूरा और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहर के विकास से कोई समझौता न हो।
इस बीच, पंजाब यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विभाग की चेयरपर्सन समिता शर्मा ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों की जरूरतों को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है।
मनरेगा को मजबूती, ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कमी और कृषि में आ रहे बदलावों को देखते हुए सरकार ने मनरेगा को मजबूत करने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और परिवारों की आय को सहारा मिलेगा।
शिक्षा और युवाओं के प्रशिक्षण पर जोर
बजट में शिक्षा और युवाओं की स्किल ट्रेनिंग के लिए भी अधिक प्रावधान किए गए हैं। इससे युवाओं को नई तकनीक सीखने और रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। समिता शर्मा ने बताया कि बजट में वरिष्ठ नागरिकों और गरीब परिवारों के लिए सहायता बढ़ाने का भी ऐलान किया गया है, जिससे सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी। हालांकि नौकरीपेशा वर्ग को कोई बड़ी सीधी राहत नहीं दी गई है, लेकिन महंगाई नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता पर विशेष जोर दिया गया है।
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