January 9, 2026

SC के आदेशों के बावजूद MCD की कछुआ चाल, समाधान अब भी दूर

SC के आदेशों के बावजूद MCD की ....

नई दिल्ली, 9 जनवरी : आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद एमसीडी (MCD) अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है। समाधान के नाम पर एमसीडी की रफ्तार कछुए जैसी बनी हुई है। यही वजह है कि लोग लगातार आवारा कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। द्वारका सेक्टर-19 में 65 वर्षीय एक बुज़ुर्ग को कुत्तों ने नोच-नोचकर मार डाला, लेकिन लोगों को कुत्तों से बचाने के लिए केवल ‘फीडिंग प्वाइंट’ और ‘नोडल अफ़सर’ बनाकर खानापूरी कर ली गई है।

जबकि निर्देश यह थे कि ख़तरनाक कुत्तों के लिए डॉग शेल्टर (कुत्तों के आश्रय) बनाए जाएँ और उनमें ऐसे कुत्तों को रखने की व्यवस्था की जाए। इसके उलट, एमसीडी और एनडीएमसी (NDMC) फिलहाल सिर्फ़ काग़ज़ी कार्यवाही पूरी करने में लगे हैं। डॉग शेल्टर तो दूर-दूर तक नज़र नहीं आ रहे हैं और यह भी तय नहीं है कि ख़ूँखार कुत्तों को रखा कहाँ जाएगा।

एमसीडी की बात करें तो अब तक उसने 735 फीडिंग प्वाइंट चिन्हित कर लिए हैं और अस्पतालों व सरकारी दफ़्तरों जैसे सभी सार्वजनिक स्थलों के लिए नोडल अफ़सर भी नियुक्त कर दिए हैं, लेकिन ख़ूँखार कुत्तों को रखने की कोई व्यवस्था अब भी नहीं है। हालाँकि एक एनजीओ की मदद से 10 ख़तरनाक आवारा कुत्तों को नजफगढ़ के एक शेल्टर में रखा गया है, लेकिन दिल्ली में सैकड़ों लोग रोज़ाना आवारा कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं—उनकी समस्या का समाधान कैसे होगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

मामला फीडिंग प्वाइंट तक ही सीमित

इन कुत्तों को डॉग शेल्टर में कब रखा जाएगा? क्योंकि डॉग शेल्टर बनाने की प्रक्रिया फिलहाल फाइलों तक ही सीमित है। पहले टेंडर होगा, फिर निर्माण, जिसमें काफ़ी समय लगने की संभावना है। एमसीडी के अनुसार जिन फीडिंग प्वाइंटों को चिन्हित किया गया है, उन पर साइन बोर्ड लगाने के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से फीडिंग प्वाइंट घोषित किया जाएगा।

फीडिंग प्वाइंट होने के बावजूद अन्य जगहों पर खिलाया जा रहा खाना

एनडीएमसी ने करीब 100 फीडिंग प्वाइंट बना दिए हैं, फिर भी लोग फीडिंग प्वाइंट छोड़कर पुरानी जगहों पर ही कुत्तों को खाना खिला रहे हैं। पशु-अधिकार कार्यकर्ताओं के डर से एनडीएमसी कोई सख़्त कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। एनडीएमसी के अनुसार, उसने अपने पुराने पशु अस्पताल—मोती बाग—में 30 ख़ूँखार कुत्तों के लिए डॉग शेल्टर तैयार कर लिया है, लेकिन अभी तक उसमें एक भी कुत्ता नहीं रखा गया है। एनडीएमसी क्षेत्र में लगभग 10 हज़ार आवारा कुत्ते हैं। वर्ष 2023-24 के सर्वे के अनुसार 85–90 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है।

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