चंडीगढ़, 27 अप्रैल: पंजाब के कई जिले बिजली की कमी का सामना कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पूरे राज्य में भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली की मांग बढ़ रही है।
अप्रैल महीने में तापमान बढ़ने के कारण बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। लोग एसी और कूलर का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बिजली पर दबाव बढ़ रहा है। आमतौर पर अप्रैल में इतनी मांग नहीं होती, लेकिन इस बार 28–30 अप्रैल के आसपास रिकॉर्ड तोड़ मांग दर्ज की गई है।
बिजली की मांग लगभग 11,519 मेगावाट तक पहुंच गई है और रोजाना करीब 900 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की जरूरत पड़ रही है।
रोजाना 900 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की जरूरत
गौरतलब है कि पीएसपीसीएल ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए बिजली सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, बठिंडा और पटियाला समेत बड़े शहरों में 21 से 28 अप्रैल तक बिजली कटौती का ऐलान किया था।
इस संबंध में पीएसपीसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 8-10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में करीब 4 घंटे की कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारी ने कहा कि तकनीकी खराबी और स्थानीय समस्याओं के कारण वास्तविक कटौती और ज्यादा रही। हमारी टीमें मौके पर मौजूद थीं, लेकिन स्टाफ की कमी और बढ़ते तापमान के कारण मरम्मत कार्य की रफ्तार धीमी रही।
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पीएसपीसीएल ने सरकारी थर्मल प्लांटों से 372.85 एलयू और हाइडल स्रोतों से 96.71 एलयू बिजली खरीदी। राजपुरा और तलवंडी साबो स्थित निजी प्लांटों ने क्रमशः 297.64 एलयू और 339.92 एलयू का योगदान दिया।
इसके अलावा 324.50 एलयू बिजली अल्पकालिक खरीद के माध्यम से ली गई, जबकि लगभग 230 एलयू बिजली बैंकिंग व्यवस्थाओं के तहत निर्यात की गई।

More Stories
डीसी ऑफिस भी निशाने पर, संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बढ़ाई गई
साबका डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के ठिकानों पर ईडी का छापा
पंजाब में दलबदल को लेकर सियासी संग्राम तेज