नई दिल्ली, 27 मई : भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की स्थिति में स्पष्ट रूप से चिंता का माहौल है। यह देश अपनी सुरक्षा को लेकर सजग है और इसी कारण से वह चीन के सहयोग से अपने परमाणु हथियारों को विकसित और आधुनिक बनाने में जुटा हुआ है। अमेरिका की रक्षा खुफिया एजेंसी ने अपनी ‘ग्लोबल थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट 2025’ में इस बात का उल्लेख किया है कि पाकिस्तान चीन की सैन्य और आर्थिक सहायता का लाभ उठाकर अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है।
रपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए एक गंभीर खतरा मानता है, जो उसकी सुरक्षा नीति और रणनीतियों को प्रभावित कर रहा है। इस प्रकार, पाकिस्तान की यह गतिविधियां न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती हैं।
अमेरिका ने जारी की रिपोर्ट
आपको बता दें कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी द्वारा जारी यह रिपोर्ट अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा उपसमिति के लिए तैयार की गई है। ‘ग्लोबल थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट 2025’ में पाकिस्तान की सेना, उसके सैन्य अभियानों और परमाणु हथियारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इसमें दावा किया गया है कि आने वाले वर्ष में पाकिस्तान की शीर्ष प्राथमिकताएं अपने सैन्य बुनियादी ढांचे को विकसित और मजबूत करना, क्षेत्रीय पड़ोसियों के साथ सीमा पार संघर्षों से निपटना और अपने परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण जारी रखना होंगी।
पाकिस्तान के अस्तीत्तव के लिए भारत खतरा
अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है। ऐसे में वह भारत की सैन्य शक्ति से मुकाबला करने के लिए खुद को और अपनी सेना को विकसित कर रहा है। साथ ही, वह अपने परमाणु हथियारों और उनकी सुरक्षा एवं कमांड प्रणालियों को भी विकसित कर रहा है तथा उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस कर रहा है। इसलिए वह विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और बिचौलियों से सामूहिक विनाश के हथियारों (डब्लयू एम डी) से संबंधित सामान खरीद रहा है। इसमें चीन इसका सबसे बड़ा समर्थक है।
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