नई दिल्ली, 11 जून : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दुनियां की अग्रणी और चैट जीपीटी बनाने वाली कंपनी ‘ओपन एआई’ ने भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ‘इंडिया एआई’ मिशन के साथ साझेदारी की है। इस ऐतिहासिक समझौते का उद्देश्य भारत में एआई (आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस) शिक्षा को आम लोगों तक पहुंचाना और इसे बहुभाषी रूप में सुलभ बनाना है।
इस पहल के तहत भारत का पहला इंटरनेशनल एआई एजुकेशन प्लेटफॉर्म ‘ओपन एआई अकैडमी इंडिया’ की शुरुआत की गई है। इसकी लॉन्चिंग पिछले गुरुवार को की गई थी। यह ओपन एआई के ऑनलाइन लर्निंग प्रोग्राम का पहला अंतरराष्ट्रीय विस्तार है।
समझौता और उद्देश्य
‘ओपन एआई’ और ‘इंडिया एआई’ के बीच हुए एमओयू के मुताबिक, इस साझेदारी का मकसद भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ को व्यापक स्तर पर विकसित करना है। इस कार्यक्रम के जरिए स्टूडेंट्स, शिक्षकों, सरकारी अधिकारियों, डेवलपर्स, गैर-लाभकारी संस्थाओं के नेता और छोटे व्यापारियों को आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस से संबंधित ट्रेनिंग और सामग्री प्रदान की जाएगी।
कोर्स की भाषा और उपलब्धता
‘ओपन एआई अकैडमी इंडिया’ के अंतर्गत लर्निंग कंटेंट ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से अंग्रेज़ी और हिंदी में उपलब्ध होगा। भविष्य में इसे अन्य भारतीय भाषाओं में भी पेश किया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
‘ओपन एआई’ अपने लर्निंग मॉड्यूल्स को इंडिया एआई मिशन के फ्यूचर स्किल प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए बनाए गए आई.जी.ओ.टी. कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर भी कंटेंट प्रदान करेगा।
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार ‘ओपन एआई’ के 30 लाख से अधिक बिजनेस यूजर्स हैं, जो चैटजीपीटी जैसी सेवाओं के लिए भुगतान कर रहे हैं। इस नई साझेदारी से भारत में एआई को लेकर स्किल डेवेलपमेंट और टेक्नोलॉजी अपनाने की रफ्तार को बड़ा बल मिल सकता है।
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