चंडीगढ़, 17 मार्च : हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए मुकाबले के नतीजे देर रात घोषित किए गए। इस चुनाव में सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party (भाजपा) और मुख्य विपक्षी Indian National Congress (कांग्रेस) ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। भाजपा की ओर से Sanjay Bhatia और कांग्रेस की ओर से Karamvir Bodh मैदान में थे, जबकि Satish Nandal ने आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।
वोटिंग और गणना का पूरा गणित
राज्यसभा चुनाव में हरियाणा की कुल 90 वोटों में से 88 वोट डाले गए। Indian National Lok Dal (इनेलो) के दो विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
गिनती के दौरान 5 वोट रद्द कर दिए गए और 83 वोट वैध पाए गए। इनमें से कांग्रेस उम्मीदवार को 28 वोट मिले।
हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कहा कि कांग्रेस विधायकों का अपनी ही पार्टी से भरोसा कम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वोट 37 से घटकर 28 रह गए, जिससे संकेत मिलता है कि कुछ विधायकों ने आजाद उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।
भाजपा की रणनीति और समर्थन
मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा ने आधिकारिक तौर पर केवल संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया था, जबकि आजाद उम्मीदवार सतीश नंदल को बाहरी समर्थन दिया गया था। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता Bhupinder Singh Hooda ने कहा कि चुनाव बेहद कड़ा था, लेकिन कांग्रेस ने मजबूती से मुकाबला किया और एक सीट जीतने में सफल रही।
वोटिंग से लेकर नतीजों तक ड्रामा
जानकारी के अनुसार, हरियाणा विधानसभा के कमेटी रूम में सुबह 9 बजे मतदान शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक चला। वोटों की गिनती शाम 5 बजे शुरू होनी थी, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर वोट की गोपनीयता भंग करने के आरोप लगाए, जिसके चलते गिनती में करीब 5 घंटे की देरी हुई। आखिरकार रात 11 बजे गिनती शुरू हुई और देर रात करीब 1:30 बजे नतीजे घोषित किए गए।
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