May 3, 2026

साढ़े 4 साल में बिजली उत्पादन न बढ़ाने में भी फेल मान सरकार : अकाली दल

साढ़े 4 साल में बिजली उत्पादन न बढ़ाने में भी...

चंडीगढ़, 3 मई : शिरोमणि अकाली दल ने आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि राज्य में बढ़ रही बिजली कटौती के लिए सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है। पार्टी का कहना है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में न तो बिजली उत्पादन बढ़ाया गया और न ही ट्रांसमिशन सिस्टम को अपग्रेड किया गया। अकाली दल के नेता परमबंस सिंह रोमाणा ने बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा पर आरोप लगाया कि वे यह कहकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि राज्य के पास पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि सरकार 15 रुपये प्रति यूनिट की महंगी दर पर बिजली खरीदने के लिए मजबूर है।

कांग्रेस और आप दोनों पर निशाना

रोमाणा ने कहा कि पहले कांग्रेस और अब आप सरकार दोनों ने पंजाब के लोगों को निराश किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सरकारें राज्य को बिजली सरप्लस से बिजली की कमी वाले राज्य में बदलने के लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि किसी ने भी नया उत्पादन नहीं बढ़ाया। अकाली दल ने अपने शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि 2007 में जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में भारी बिजली कटौती होती थी। लेकिन 10 वर्षों में 8000 मेगावाट उत्पादन बढ़ाकर कुल क्षमता 13,961 मेगावाट तक पहुंचाई गई।

बढ़ती मांग और घटती तैयारी

रोमाणा ने बताया कि 2017 के बाद से करीब 9.5 सालों में बिजली की मांग बढ़कर 18,000 मेगावाट तक पहुंच गई है, लेकिन उत्पादन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। यही कारण है कि अब बिजली कटौती आम हो गई है। अकाली दल ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करने में भी विफल रही है, जिससे सिस्टम ओवरलोड हो रहा है और कटौती बढ़ रही है।

पार्टी ने दावा किया कि उनके शासनकाल में ट्रांसमिशन नेटवर्क पर 5000 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और लाइन लॉस को 32% से घटाकर 17% किया गया। साथ ही 200 नए बिजली ग्रिड स्थापित किए गए, जबकि पिछले 9.5 वर्षों में केवल 60 ग्रिड ही जोड़े गए।

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