खटकड़ कलां, 24 मार्च : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीदी दिवस पर भगत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह दिन देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने लोगों से शहीदों की सोच और आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई राजनीतिज्ञों ने अपने नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इन महान क्रांतिकारियों को अब तक भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया।
अगर युवाओं को मिली होती बागडोर…
भगवंत सिंह मान ने कहा कि अगर आज़ादी के बाद देश की कमान युवाओं को सौंपी जाती, या यदि भगत सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो भारत आज वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश होता। मुख्यमंत्री ने उन दावों की आलोचना की जिनमें कहा जाता है कि भारत 2014 में ही आज़ाद हुआ। उन्होंने कहा कि जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में कुछ नहीं खोया, वे आज देश को अपने आदेशों पर चलाने की कोशिश कर रहे हैं।
शहीदों के नाम पर संस्थानों का नामकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने मोहाली हवाई अड्डे का नाम भगत सिंह के नाम पर रखने के लिए केंद्र से संघर्ष किया। साथ ही, हलवारा हवाई अड्डे का नाम कর্তार सिंह सराभा के नाम पर रखने के लिए बातचीत जारी है। मुख्यमंत्री ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की स्मृति में 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘हुसैनीवाला विरासत’ प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही गरीबी और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का स्थायी समाधान है। उन्होंने कहा कि मुफ्त सुविधाएं अस्थायी राहत दे सकती हैं, लेकिन असली बदलाव शिक्षा और जागरूकता से ही संभव है।
स्वास्थ्य और रोजगार पर सरकार का फोकस
उन्होंने लोगों से 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा कार्ड प्राप्त करने की अपील की और कहा कि अब पंजाब के लोगों को इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इसके अलावा, सरकार द्वारा 65,000 सरकारी नौकरियां देने का भी जिक्र किया।
वोट के अधिकार की अहमियत पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी की बदौलत ही आज हमें वोट देने का अधिकार मिला है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने वोट का इस्तेमाल समझदारी से करें और किसी लालच में आकर इसे न बेचें। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र अपने शहीदों को भूल जाते हैं, वे अपनी पहचान खो देते हैं। पंजाब ने आज़ादी की लड़ाई से लेकर देश की एकता और अखंडता के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है, और आगे भी निभाता रहेगा।

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