नई दिल्ली, 21 जनवरी : यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डर लेयेन ने कहा है कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) एक ऐसे ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, जो दो अरब लोगों का विशाल बाज़ार तैयार करेगा। यह बाज़ार वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लगभग एक-चौथाई के बराबर होगा। उन्होंने यह बात अपने भारत दौरे से कुछ दिन पहले कही।
दावोस में बड़ा बयान
दावोस में विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए वान डर लेयेन ने मौजूदा भू-राजनीतिक झटकों और 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ की रणनीति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, “यह अवसर को संभालने और एक नए, अधिक स्वतंत्र यूरोप का निर्माण करने का समय है। 27 जनवरी को होने वाले भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के पूरा होने की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है। वान डर लेयेन ने कहा, “कुछ लोग इसे ‘सभी समझौतों की मां’ कह रहे हैं। यह ऐसा समझौता है, जो दो अरब लोगों का बाज़ार बनाएगा।”
भारत यूरोप का अहम साझेदार
उन्होंने आगे कहा कि भारत, यूरोप का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की व्यापक संभावनाएं हैं।यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि यूरोपीय संघ सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के साथ भी व्यापारिक संबंध मज़बूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के साथ नए मुक्त व्यापार समझौते पर काम चल रहा है। साथ ही फिलीपींस, थाईलैंड, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों के साथ बातचीत आगे बढ़ाई जा रही है।
यूक्रेन को समर्थन जारी रहेगा
वान डर लेयेन ने दोहराया कि यूरोपीय संघ यूक्रेन के साथ तब तक खड़ा रहेगा, जब तक वहां न्यायपूर्ण और स्थायी शांति स्थापित नहीं हो जाती। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और ईयू के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था।
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